दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने संगठित अपराध और उगाही के एक बड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। एंटी रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल (ARSC) द्वारा एक संगठित उगाही गिरोह के खिलाफ महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) के तहत चार्जशीट दाखिल की गई है।
जांच के दौरान सामने आया कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से लोगों को निशाना बनाकर धन उगाही करता था। आरोपी छिपे हुए कैमरों से वीडियो रिकॉर्डिंग करते थे, फिर वीडियो में छेड़छाड़ कर लोगों को बदनाम करने की धमकी देते थे। इसके अलावा झूठी शिकायतें दर्ज कराने और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का डर दिखाकर मोटी रकम वसूली जाती थी।
क्राइम ब्रांच की विस्तृत जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह ने अपराध के जरिए 10 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति और आय अर्जित की। गिरोह के सदस्य पुलिस कर्मियों सहित अन्य लोक सेवकों पर भी दबाव बनाने और उन्हें धमकाने का प्रयास करते थे।
इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह कार्रवाई इंस्पेक्टर के.के. शर्मा के नेतृत्व में, एसीपी संजय नागपाल के मार्गदर्शन तथा डीसीपी संजीव कुमार यादव की निगरानी में सफलतापूर्वक अंजाम दी गई। दिल्ली पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

