नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली और ट्रांस-यमुना इलाके में लंबे समय से सक्रिय संगठित अपराध सिंडिकेट के सरगना साबिर अली को हरियाणा के शंभू बॉर्डर से दबोचा गया है। आरोपी अप्रैल 2025 से मकोका मामले में फरार चल रहा था और पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी।
डीसीपी प्रवीण कुमार त्रिपाठी के मुताबिक, गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने साबिर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक XUV-700 कार और एक स्कूटी भी बरामद की है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, साबिर पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, जमीन कब्जाने और अन्य गंभीर अपराधों समेत कुल 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस मकोका मामले में उसके गिरोह के नौ सदस्य पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
जांच में सामने आया है कि साबिर चौधरी, हाशिम बाबा-अनवर चाचा संगठित अपराध सिंडिकेट का प्रमुख था। यह गिरोह सीलमपुर, भजनपुरा, मौजपुर, शाहदरा और ट्रांस-यमुना क्षेत्रों के अलावा उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी सक्रिय रहा है। गिरोह के कुछ सदस्य नेपाल और दुबई से भी अपना नेटवर्क संचालित कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली की गैंगवार में साबिर की अहम भूमिका रही है। साल 2007 में उसने उत्तर प्रदेश की खतौली विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव भी लड़ा था। अब उसकी गिरफ्तारी को दिल्ली पुलिस संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मान रही है।

