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34 साल… एक गोली… और आखिरकार कानून की दस्तक!”

34 साल… एक गोली… और आखिरकार कानून की दस्तक!”

Delhi Samachar03 June 2026, 08:51 AM1 views

जिस हाथ में कभी बंदूक थी, आज वही हाथ दूसरों के सहारे चल रहा है। जिस शख्स ने जवानी के जोश में फायरिंग की थी, वह अब 85 साल की उम्र में अदालत से सजा सुनने के बाद जेल की तरफ बढ़ रहा है। वैशाली कोर्ट परिसर से सामने आई यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोगों को एक बड़ा संदेश दे रही है — कानून के हाथ भले देर से उठें, लेकिन पहुंचते जरूर हैं।

पूरा मामला बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड के जुड़ावनपुर गांव का है। साल 1992 में आपसी विवाद के दौरान एक दंपति पर जानलेवा हमला और फायरिंग की गई थी। इस मामले में एक ही परिवार के पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था।

पीड़ित अदालत राय ने 10 मई 1992 को शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अपनी पत्नी के साथ घर के बाहर बैठे थे, तभी हथियारों से लैस आरोपियों ने हमला कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच के बाद 1993 में चार्जशीट दाखिल की।

समय बीतता गया… केस चलता रहा… और 34 सालों में पांच आरोपियों में से चार की मौत हो गई। लेकिन एक आरोपी दीप राय उर्फ जिसा राय जिंदा बचा रहा। अब अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने उसे आईपीसी की धारा 147, 148, 307 और आर्म्स एक्ट की धारा 134 के तहत दोषी करार दिया है।

अब 85 साल की उम्र में दीप राय को जेल जाना पड़ेगा। यह कहानी उन युवाओं के लिए बड़ी सीख है, जो गुस्से और ताकत के नशे में कानून को चुनौती देने की गलती कर बैठते हैं।

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