उत्तर प्रदेश के संभल जिले में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी उस हैवान तक पहुंचना, जिसने वारदात को अंजाम देकर खुद को छिपा लिया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी जांच की और कई लोगों से पूछताछ भी की, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला।
घटनास्थल से एक गमछा बरामद हुआ, जिसके आधार पर डॉग स्क्वाड की मदद ली गई। तभी एंट्री हुई पुलिस की गोल्ड मेडलिस्ट स्निफर डॉग 'मैरी' की। गमछा सूंघते ही मैरी कई रास्तों से गुजरते हुए सीधे ग्राम पंवारी निवासी संदीप के घर पहुंच गई।
हालांकि आरोपी उस वक्त घर से फरार था, लेकिन मैरी ने पुलिस को जांच की सही दिशा दे दी। इसके बाद पुलिस ने लगातार दबिश दी और आखिरकार आरोपी संदीप को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले के खुलासे में मैरी की भूमिका सबसे अहम रही। उसकी सूंघने की अद्भुत क्षमता के कारण ही आरोपी कानून के शिकंजे में आ सका। मामले के सफल खुलासे पर पुलिस अधीक्षक ने मैरी को 10 हजार रुपये के नकद इनाम से सम्मानित किया। एक बार फिर मैरी ने साबित कर दिया कि वह पुलिस की खामोश लेकिन सबसे भरोसेमंद योद्धा है।

