राजधानी दिल्ली में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर भक्ति, श्रद्धा और सनातन परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। 250 वर्ष से अधिक प्राचीन मंदिर श्री राम चन्द्र जी महाराज में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ किया गया। इस अवसर पर 80 से अधिक महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर यात्रा में भाग लिया और पूरे क्षेत्र को भक्तिमय माहौल से सराबोर कर दिया।
धार्मिक आयोजन का संचालन श्री खाटू श्याम सेवक मंडल दिल्ली ट्रस्ट और श्री राम चन्द्र जी महाराज समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ धर्म एवं संस्कृति के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। यात्रा में शामिल महिलाओं का उत्साह और श्रद्धा आकर्षण का केंद्र रही।
मंदिर से जुड़े पुजारियों और समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यहां पिछले 22 वर्षों से मां कालका माई की अखंड ज्योत निरंतर प्रज्वलित है, जो हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यही वजह है कि यह मंदिर वर्षों से धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण स्थल बना हुआ है।
9 जून से शुरू हुई इस श्रीमद्भागवत कथा का वाचन और व्याख्यान बनारस की प्रसिद्ध कथा वाचिका श्री जी ऋतु वशिष्ट द्वारा किया जा रहा है। उनके मुखारविंद से कथा श्रवण करने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं।
सात दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक ज्ञान की अमृत वर्षा होगी। श्रद्धालुओं का मानना है कि पुरुषोत्तम मास में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।

